4 जून 2013 - 19:30
15 ख़ुरदाद (5 जून) इमाम ख़ुमैनी रह. के आंदोलन की शुरूआत।

15 ख़ुरदाद को इमाम ख़ुमैनी नें मदरसए फ़ैज़िया में अपने सम्बोधन में शाही शासन के विरुद्ध, उसकी सच्चाई से परदा उठाया और उसके चेहरे पर पड़ी नक़ाब को उलट दिया।

पन्द्रह ख़ुरदाद (पाँच जून उन्नीस सौ त्रिसठ) में इमाम ख़ुमैनी रह. ने अपने ऐतिहासिक आंदोलन को आरम्भ किया था। 15 ख़ुरदाद को इमाम ख़ुमैनी नें मदरसए फ़ैज़िया में अपने सम्बोधन में शाही शासन के विरुद्ध, उसकी सच्चाई से परदा उठाया और उसके चेहरे पर पड़ी नक़ाब को उलट दिया।उसके बाद शाही शासन के कारिंदों (कर्मचारियों) नें इमाम ख़ुमैनी रह. के घर पर हमला करके उन्हें गिरफ़्तार कर लिया।इमाम ख़ुमैनी रह. की गिरफ़्तारी के बाद क़ुम और तेहरान समेत देश के विभिन्न भागों में शाही हुकूमत के विरुद्ध बहुत तेज़ी के साथ प्रदर्शन किये गए। प्रदर्शन के दौरान शाही शासन की ख़ुफ़िया एजेंसी सावाक ने क़ुम शहर में स्थित मदरसए फ़ैज़िया पर हमला करके बड़ी संख्या में दीनी छात्रों को शहीद और दसियों लोगों को गिरफ़्तार कर लिया था।